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Aj Sik Mittran Di Wadheri Ae

Aj Sik Mittran Di Wadheri Ae अज सिक मित्तरां दी वधेरी ए क्यूं दिलड़ी उदास घनेरी ए लूं लूं विच शोक़ चंगेरी ए अज नैनां लाइयाँ क्यूं झड़ियाँ मुख चंद बदर शअशानी ए मथे चमके लाट नुरानी ए काली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी ए मख़्मूर अखीं हेन मद भरियाँ दो अब्रू क़ोस मिसाल देसन जैं तों नोके मिझ दे तीर छुटन लबां सुर्ख़ आखां केह लाअले यमन चिट्टे दन्द मोती दियां हेन लड़ियाँ इस सूरत नूं मैं जान आखां जानान के जाने-जहान आखां सच आखां ते रब्ब दी शान आखां जिस शान तो शानां सब बनियाँ सुब्हानल्लाह मा अज्मलका मा अह़सनका, मा अकमलका किथ्थे मेहर अली किथ्थे तेरी सना गुस्ताख़ अख्खीं किथ्थे जा अड़िय

Jaan-e-Rahmat Shaan-e-Rahmat Aamina Ka Laal Hai

Jaan-e-Rahmat Shaan-e-Rahmat Aamina Ka Laal Hai जान-ए-रहमत, शान-ए-रहमत आमिना का लाल है सारी दुनिया की ज़रूरत आमिना का लाल है शान-ए-रहमत, जान-ए-रहमत आमिना का लाल है सारी दुनिया की ज़रूरत आमिना का लाल है गोद में ले कर के आक़ा को हलीमा ने कहा चाँद से भी ख़ूबसूरत आमिना का लाल है तेरी ग़ुर्बत को मिटा देगा ये कुछ ही वक़्त में ऐ हलीमा ! तेरी क़िस्मत आमिना का लाल है बोले उँगली पर नचा कर बाब-ए-ख़ैबर को 'अली मेरे बाज़ुओं की ताक़त आमिना का लाल है कहते थे अय्यूब अंसारी, नबी को देख कर मेरे घर की ज़ेब-ओ-ज़ीनत आमिना का लाल है ना'त-ख़्वाँ: ख़्वाजा ग़ुलाम सरवर jaan-e-rahmat, shaan-e-rahmat aamina ka laal hai saari duniya ki zaroorat aamina ka laal hai shaan-e-rahmat, jaan-e-rahmat aamina ka laal hai saari duniya ki zaroorat aamina ka laal hai god me.n le kar ke aaqa ko haleema ne kaha chaand se bhi KHoobsoorat aamina ka laal hai teri Gurbat ko miTa dega ye kuchh hi waqt me.n ai haleema ! teri qismat aamina ka laal hai bole ungli par nacha kar baab-e-KHaibar ko 'ali mere baazuo.n ki taaqat aamina ka laal h...

Assalamu Alaika Ya Nabi Ya Rasoolullah | Salim Merchant | Ayisha Abdul Basith

Assalamu Alaika Ya Nabi Ya Rasoolullah | Salim Merchant | Ayisha Abdul Basith अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! ओ मुहम्मद मेरे, सल्ले-'अला ओ मुस्तफ़ा मेरे, सल्ले-'अला या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! सलवातुल्लाह 'अलैका ! सरकार-ए-मदीना ! हम हैं तेरे ग़ुलाम भेजें तुझे, या नबी ! दुरूद-ओ-सलाम अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! सल्लल्लाहु 'अलैहि व-सल्लम या रसूलुल्लाह ! अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! दर-ए-जन्नत हैं मुहम्मद अब्र-ए-रहमत हैं मुहम्मद नूर-ओ-ने'मत हैं मुहम्मद हबीबुल्लाह ! शाह-ए-उम्मत हैं मुहम्मद मेरी उल्फ़त में मुहम्मद मेरी हसरत में मुहम्मद रसूलुल्लाह ! या नबी ! ताजदार-ए-हरम ! महबूब-ए-किब्रिया ! क्या भला है क्या बुरा, बतला दिया है, ख़ैर-उल-बशर ! ऊँचा तेरा मक़ाम भेजें तुझे, या नबी ! दुरूद-ओ-सलाम अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! अस्सलामु 'अलैका या नबी ! या रसूलुल्लाह ! सल्लल्लाहु 'अ...

Shah-e-Taiba Ke Naam Do Qadam Qadam Saath Saath

Shah-e-Taiba Ke Naam Do Qadam Qadam Saath Saath शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ गुनगुनाते चलो, मुस्कुराते चलो ना'रा-ए-या-मुहम्मद लगाते चलो शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ खोटी-क़िस्मत बनाएँ चलो साथ साथ मुस्तफ़ा को मनाएँ चलो साथ साथ शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ कारवान-ए-मुहम्मद रुकेगा नहीं कमलीवाले का झंडा झुकेगा नहीं शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ जश्न-ए-मीलाद है, क्या हसीं बात है सब के दामन में ख़ुशियों की ख़ैरात है शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ हैं ग़ुलामान-ए-अहमद, ख़ुदा की क़सम ख़ून लेते नहीं, ख़ून देते हैं हम शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ अपनी जानों की परवाह करते नहीं हम हुसैनी हैं, बातिल से डरते नहीं शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम साथ साथ मुस्तफ़ा का घराना सलामत रहे बख़्शिशों का ठिकाना सलामत रहे शाह-ए-तयबा के नाम, दो क़दम साथ साथ मेरे आक़ा के नाम, दो क़दम ...

Nahin Hai Koi Duniya Mein Hamara Ya Rasoolallah

 Nahin Hai Koi Duniya Mein Hamara Ya Rasoolallah नहीं है कोई दुनिया में हमारा, या रसूलल्लाह ! हमें तो आप ही का है सहारा, या रसूलल्लाह ! सरापा मा'सियत हूँ, बार है बेहद गुनाहों का बचाना नार-ए-दोज़ख़ से ख़ुदा-रा, या रसूलल्लाह ! हूँ सर से पाँव तक डूबा हुवा ग़म के समुंदर में नहीं आता नज़र कोई किनारा, या रसूलल्लाह ! तलातुम-ख़ेज़ है दरिया, भँवर में है मेरी कश्ती नज़र आता नहीं कोई किनारा, या रसूलल्लाह ! तड़पता है मेरा दिल और तरसती हैं बहुत आँखें बुला लो अब मदीने में दोबारा, या रसूलल्लाह ! तड़पता है ये दिल मेरा, तरसती हैं मेरी आँखें बुला लो अब मदीने में दोबारा, या रसूलल्लाह ! ख़ुदा जब आप से फ़रमाए, लाओ अपनी उम्मत को हमारी सिम्त भी करना इशारा, या रसूलल्लाह ! फ़क़त आ'माल के बदले न पाएगा कोई जन्नत न होगा आप का जब तक इशारा, या रसूलल्लाह ! ब-रोज़-ए-हश्र मेरे इस यक़ीं की लाज रख लेना तुम्हारा हूँ, तुम्हारा हूँ, तुम्हारा, या रसूलल्लाह ! हक़ीक़त में बहुत बढ़ कर के है 'अर्श-ए-मु'अल्ला से ज़मीं जिस पर हो नक़्श-ए-पा तुम्हारा, या रसूलल्लाह ! दम-ए-आख़िर ज़रा मुश्ताक़ पर इतना करम करना कि इस के लब पे हो कलमा तुम्हारा,...

Jo Ho Chuka Hai Jo Hoga Huzoor Jante Hain

Jo Ho Chuka Hai Jo Hoga Huzoor Jante Hain जो हो चुका है, जो होगा, हुज़ूर जानते हैं तेरी 'अता से, ख़ुदाया ! हुज़ूर जानते हैं वो मोमिनों की तो जानों से भी क़रीब हुए कहाँ से किस ने पुकारा, हुज़ूर जानते हैं हिरन ये कहने लगी, छोड़ दे मुझे, सय्याद ! मैं लौट आऊँगी वल्लाह, हुज़ूर जानते हैं हिरन ने, ऊँट ने, चिड़ियों ने की यही फ़रियाद कि उन के ग़म का मदावा हुज़ूर जानते हैं बुला रहे हैं नबी, जा के इतना बोल उसे दरख़्त कैसे चलेगा हुज़ूर जानते हैं कहाँ मरेंगे अबू-जहल-ओ-'उत्बा-ओ-शैबा कि जंग-ए-बद्र का नक़्शा हुज़ूर जानते हैं इसी लिए तो सुलाया है अपने पहलू में कि यार-ए-ग़ार का रुत्बा हुज़ूर जानते हैं 'उमर ने तन से जुदा कर दिया था सर जिस का वो अपना है कि पराया हुज़ूर जानते हैं नबी का फ़ैसला न मान कर वो जाँ से गया मिज़ाज 'उमर का है कैसा, हुज़ूर जानते हैं वोही हैं पैकर-ए-शर्म-ओ-हया-ओ-ज़ुन्नूरैन मक़ाम उन की हया का हुज़ूर जानते हैं वो ख़ुद शहीद हैं, बेटे, नवासे, पोते शहीद 'अली की शान-ए-यगाना हुज़ूर जानते हैं हैं जिस के मौला हुज़ूर, उस के हैं 'अली मौला अबू-तुराब का रुत्बा हुज़ूर जानते हैं मैं उन की बात करूँ ये क...

Baghdad Mujhe Pahuncha De Khuda Chadar Main Chadhaun Phoolon Ki

 Baghdad Mujhe Pahuncha De Khuda Chadar Main Chadhaun Phoolon Ki ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है रब्ब-ए-क़दीर का हाथों में मेरे हाथ है पीरान-ए-पीर का बग़दाद मुझे पहुँचा दे, ख़ुदा ! चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की मैं सदक़े करूँ तन-मन अपना, चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की मेरे ग्यारहवीं वाले पीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! तेरे दर का मैं फ़क़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! मेरी चमका दी तक़दीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! तेरा रुत्बा बे-नज़ीर, ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर ! बग़दाद मुझे पहुँचा दे, ख़ुदा ! चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की मैं सदक़े करूँ तन-मन अपना, चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की फ़रज़ंद-ए-'अली हो नूर-ए-नबी, महबूब-ए-ख़ुदा है ज़ात तेरी इक बार दिखा रौज़ा अपना, चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की बग़दाद मुझे पहुँचा दे, ख़ुदा ! चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की मैं सदक़े करूँ तन-मन अपना, चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की लाचार, ग़रीब और मुफ़्लिस हूँ, फ़ुर्क़त में हमेशा रोता हूँ बुलवा लो मुझे, महबूब-ए-ख़ुदा ! चादर मैं चढ़ाऊँ फूलों की बग़दाद मुझे पहुँचा दे, ख़ुदा ! चादर मैं चढ़ाऊँ...