Main Hoon Ghous Ka Deewana Fikar Nahin Koi
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिर
या साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
जानता ये है तेरी करामत हर इक चाहने वाला
डूबी हुई कश्ती को तुम ने इक पल में निकाला
जब भी मुश्किल आए, ना'रा ग़ौस का लगाना
ना'रा ग़ौस का लगाना, फ़िकर नहीं कोई
ना'रा ग़ौस का लगाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
दर पे तुम्हारे जो भी आए, मन की मुरादें पाए
हर इक को ख़ैरात मिली है, ख़ाली न कोई जाए
तेरे दर के टुकड़ों से पलता है सारा ज़माना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिर
या साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
क़ब्र में आ के नकीरों ने इक धोबी से पूछा
अल्लाह से, महबूब से उस के, तेरा क्या है रिश्ता ?
बोला, मैं हूँ ग़ौस का शैदा, हाथ न लगाना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
ग़ौस-ए-आ'ज़म के गुन गाना, चाहे दुनिया रूठे
ग़ौस पिया का दामन तेरे हाथों से न छूटे
चाहे मुश्किल जो भी आए, तुम न कभी घबराना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिर
या साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
जान-ओ-दिल सब तुम पे फ़िदा हैं, ग़ौस पिया जीलानी !
वलियों के सरदार तुम्हीं हो, महबूब-ए-सुब्हानी !
जो भी पुकारे दिल से तुम को, उस की मदद को आना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
Main Hoon Ghous Ka Deewana Fikar Nahin Koi
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
रो रो के मैं तुम को पुकारूँ, अपने दर पे बुलाओ
मौला 'अली के सदक़े में क़िस्मत को चमकाओ
हसन और मुबश्शिर को भी अपने दर पे बुलाना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिर
या साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
फ़िकर नहीं कोई, बाबा ! फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
चाह-ए-दुश्मन हो ज़माना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
रो रो के मैं तुम को पुकारूँ, अपने दर पे बुलाओ
मौला 'अली के सदक़े में क़िस्मत को चमकाओ
हसन और मुबश्शिर को भी अपने दर पे बुलाना
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
मैं हूँ ग़ौस का दीवाना, फ़िकर नहीं कोई
शैअल-लिल्लाह, या अब्दुल क़ादिर
या साकिन बग़दाद ! या शैख़-उल-जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
जीलाँ जीलाँ जीलाँ जीलानी !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
मेरा पीर, मेरा पीर ! दस्त-गीर, दस्त-गीर !
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